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मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026

सीनियर सिटिजन्स (51 से 100 वर्ष): भक्ति मार्ग, पुराने गानों की यादें, ई-तीर्थ और अपनों से वर्चुअल जुड़ाव

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 51 से 100 वर्ष तक के बुजुर्गों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए इंटरनेट और स्मार्टफोन अकेलेपन को दूर करने और लाइफ में उमंग बनाए रखने की एक संजीवनी बन चुके हैं। रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले खाली समय का सही उपयोग करने के लिए वे मोबाइल का भरपूर सहारा ले रहे हैं। डिजिटल तकनीक ने सीनियर सिटिजन्स को एक ऐसी सुविधा दी है, जिससे वे घर बैठे पूरी दुनिया और अपने परिवार से हर पल जुड़े रह सकते हैं।

इस उम्र में भक्ति और आध्यात्म का गहरा जुड़ाव होता है। बुजुर्ग अपने मोबाइल पर भक्ति ऐप्स के जरिए रोजाना हनुमान चालीसा, आरती, और महामृत्युंजय मंत्र का पाठ सुनते हैं। यूट्यूब पर देश के प्रसिद्ध मंदिरों के लाइव दर्शन (जैसे काशी विश्वनाथ, उज्जैन महाकाल, और वैष्णो देवी) देखना और कथावाचकों के प्रवचन सुनना उनका सबसे पसंदीदा समय बिताने का तरीका है। कई बुजुर्ग तो ई-तीर्थयात्रा और ऑनलाइन पूजा-अर्चना बुकिंग जैसी सुविधाओं का भी लाभ इंटरनेट के माध्यम से उठा रहे हैं।

मनोरंजन की बात करें तो 50 से 70 के दशक के सदाबहार पुराने हिंदी गाने (जैसे लता मंगेशकर, मोहम्मद रफी, और किशोर कुमार के गाने) सुनना बुजुर्गों को पुरानी यादों में ले जाता है। वे यूट्यूब या Saregama Carvaan ऐप्स पर ब्लैक एंड व्हाइट दौर की क्लासिक फिल्में देखना बेहद पसंद करते हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य से जुड़े नुस्खे, जैसे घुटनों के दर्द के उपाय और प्राणायाम के वीडियो देखना भी इनकी इंटरनेट सर्च में शामिल होता है।

सामाजिक जुड़ाव के लिहाज से WhatsApp और Facebook इनके लिए बेहद खास हैं। दूर देश या दूसरे शहरों में रहने वाले बच्चों, पोते-पोतियों और नाती-नातिनों से Video Call पर बात करके चेहरे पर मुस्कान लाना इनकी दिनचर्या का सबसे हसीन हिस्सा है। गुड मॉर्निंग के संदेश भेजना, पारिवारिक तस्वीरें देखना और पुरानी यादों को डिजिटल रूप से शेयर करना बुजुर्गों को मानसिक रूप से तरोताजा और खुश रखता है।

मिडल ऐज (40 से 50 वर्ष): हेल्थ-केयर, स्पिरिचुअल पीस, प्रॉपर्टी इन्वेस्टमेंट और वेल्थ मैनेजमेंट

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40 से 50 वर्ष का आयु वर्ग जीवन के एक ऐसे पड़ाव पर होता है जहाँ करियर और परिवार दोनों काफी हद तक सेटल हो चुके होते हैं। इस उम्र में लोग अपनी सेहत, मानसिक शांति और भविष्य के वित्तीय सुरक्षित चक्र पर सबसे ज्यादा ध्यान केंद्रित करते हैं। मोबाइल और इंटरनेट इनके लिए जानकारी जुटाने, सेहत का ध्यान रखने और आध्यात्मिक रूप से जुड़ने का सबसे सुलभ जरिया है।

इस ऐज ग्रुप के लिए स्वास्थ्य सबसे बड़ा मुद्दा होता है। यही वजह है कि वे यूट्यूब और गूगल पर आयुर्वेद, घरेलू नुस्खे, योग, वेट लॉस, और ब्लड प्रेशर या शुगर कंट्रोल करने के टिप्स से जुड़े वीडियो खूब देखते हैं। Practo और PharmEasy जैसे ऐप्स से ऑनलाइन डॉक्टर कंसल्टेशन लेना और दवाइयां मंगवाना इनकी आदत में शामिल हो चुका है। मॉर्निंग वॉक के दौरान मोबाइल पर वॉक-ट्रैकिंग ऐप्स का उपयोग करना और मेडिटेशन म्यूजिक सुनना इस उम्र के लोगों को बहुत पसंद आता है।

आध्यात्मिकता और मानसिक शांति इस वर्ग की दूसरी सबसे बड़ी पसंद है। YouTube और Facebook पर भागवत कथा, गीता सार, ध्यान (Meditation) तकनीक, मोटिवेशनल स्पीचेज और भजन सुनना इनका पसंदीदा रूटीन है। वे रोजाना अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को व्हाट्सएप पर प्रेरणादायक विचार (Motivational Quotes) और सुविचार भेजना पसंद करते हैं। इसके अलावा फेसबुक पर अपने पुराने स्कूल और कॉलेज के दोस्तों से दोबारा जुड़ना इन्हें बहुत खुशी देता है।

फाइनेंशियल प्लानिंग के मामले में, 40 से 50 साल के लोग रिटायरमेंट फंड्स, सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम्स, रियल एस्टेट में निवेश और पीपीएफ (PPF) से जुड़े अपडेट्स इंटरनेट पर सर्च करते हैं। वे खबरों के लिए Dainik Jagran, Navbharat Times जैसे न्यूज पोर्टल्स और न्यूज ऐप्स पर रोजाना देश-दुनिया की राजनीति और अर्थव्यवस्था पर पैनी नजर रखते हैं। यह वर्ग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बहुत ही जिम्मेदारी और समझदारी के साथ करता है।

शादीशुदा कपल्स की पसंद: फैमिली टाइम, होम मेकओवर, ई-कॉमर्स और बजट प्लानिंग

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30 से 45 साल के शादीशुदा पुरुष और महिलाओं की प्राथमिकताएं घर-परिवार, बच्चों के भविष्य और पर्सनल लाइफ के इर्द-गिर्द घूमती हैं। शादी के बाद जिम्मेदारियां बढ़ने के साथ-साथ उनकी पसंद और इंटरनेट का इस्तेमाल भी काफी प्रैक्टिकल हो जाता है। यह ऐज ग्रुप टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल अपनी फैमिली लाइफ को ज्यादा कम्फर्टेबल, ऑर्गेनाइज्ड और एंटरटेनिंग बनाने के लिए करता है।

महिलाओं की बात करें तो वे मोबाइल का इस्तेमाल स्मार्ट होम-मेकिंग के लिए बहुत ज्यादा करती हैं। YouTube और Instagram पर नई-नई रेसिपीज (जैसे बेकिंग, कॉन्टिनेंटल और कुकर में बनने वाले क्विक स्नैक्स) सीखना, होम डेकोरेशन और इंटीरियर डिजाइनिंग के आइडियाज देखना उनकी मुख्य पसंद है। इसके अलावा Amazon, Flipkart, Myntra और Nykaa से घर का सामान, बच्चों के कपड़े और पर्सनल ग्रूमिंग प्रोडक्ट्स की ऑनलाइन शॉपिंग करना उनका पसंदीदा शौक बन चुका है। Meesho जैसे री-सेलिंग ऐप्स के जरिए कई गृहणियां घर बैठे अपनी कमाई भी कर रही हैं।

दूसरी ओर, शादीशुदा पुरुषों का रुझान फैमिली बजट प्लानिंग, कार-बाइक के नए मॉडल्स, गैजेट्स और न्यूज ऐप्स पर अधिक रहता है। वे मोबाइल पर पर्सनल लोन, होम लोन के ईएमआई कैलकुलेट करने, प्रॉपर्टी में निवेश करने और म्यूचुअल फंड्स की जानकारी जुटाने में दिलचस्पी लेते हैं। इसके अलावा संडे या वीकेंड पर स्मार्ट टीवी पर परिवार के साथ कोई नई बॉलीवुड मूवी या फैमिली ड्रामा सीरीज देखना पुरुषों को काफी भाता है।

शादीशुदा कपल्स के बीच वैकेशंस और फैमिली ट्रिप्स का ट्रेंड भी खूब लोकप्रिय है। वे छुट्टियों में बच्चों को घुमाने के लिए रिसॉर्ट्स, वाटर पार्क्स या धार्मिक स्थलों की ऑनलाइन बुकिंग करते हैं। WhatsApp फैमिली ग्रुप्स में एक्टिव रहना, बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई पर नजर रखना और स्मार्ट होम एप्लायंसेज का इस्तेमाल करना इस ऐज ग्रुप की मॉडर्न लाइफस्टाइल की पहचान बन चुका है।