40 से 50 वर्ष का आयु वर्ग जीवन के एक ऐसे पड़ाव पर होता है जहाँ करियर और परिवार दोनों काफी हद तक सेटल हो चुके होते हैं। इस उम्र में लोग अपनी सेहत, मानसिक शांति और भविष्य के वित्तीय सुरक्षित चक्र पर सबसे ज्यादा ध्यान केंद्रित करते हैं। मोबाइल और इंटरनेट इनके लिए जानकारी जुटाने, सेहत का ध्यान रखने और आध्यात्मिक रूप से जुड़ने का सबसे सुलभ जरिया है।
इस ऐज ग्रुप के लिए स्वास्थ्य सबसे बड़ा मुद्दा होता है। यही वजह है कि वे यूट्यूब और गूगल पर आयुर्वेद, घरेलू नुस्खे, योग, वेट लॉस, और ब्लड प्रेशर या शुगर कंट्रोल करने के टिप्स से जुड़े वीडियो खूब देखते हैं। Practo और PharmEasy जैसे ऐप्स से ऑनलाइन डॉक्टर कंसल्टेशन लेना और दवाइयां मंगवाना इनकी आदत में शामिल हो चुका है। मॉर्निंग वॉक के दौरान मोबाइल पर वॉक-ट्रैकिंग ऐप्स का उपयोग करना और मेडिटेशन म्यूजिक सुनना इस उम्र के लोगों को बहुत पसंद आता है।
आध्यात्मिकता और मानसिक शांति इस वर्ग की दूसरी सबसे बड़ी पसंद है। YouTube और Facebook पर भागवत कथा, गीता सार, ध्यान (Meditation) तकनीक, मोटिवेशनल स्पीचेज और भजन सुनना इनका पसंदीदा रूटीन है। वे रोजाना अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को व्हाट्सएप पर प्रेरणादायक विचार (Motivational Quotes) और सुविचार भेजना पसंद करते हैं। इसके अलावा फेसबुक पर अपने पुराने स्कूल और कॉलेज के दोस्तों से दोबारा जुड़ना इन्हें बहुत खुशी देता है।
फाइनेंशियल प्लानिंग के मामले में, 40 से 50 साल के लोग रिटायरमेंट फंड्स, सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम्स, रियल एस्टेट में निवेश और पीपीएफ (PPF) से जुड़े अपडेट्स इंटरनेट पर सर्च करते हैं। वे खबरों के लिए Dainik Jagran, Navbharat Times जैसे न्यूज पोर्टल्स और न्यूज ऐप्स पर रोजाना देश-दुनिया की राजनीति और अर्थव्यवस्था पर पैनी नजर रखते हैं। यह वर्ग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बहुत ही जिम्मेदारी और समझदारी के साथ करता है।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें