मंगलवार, 6 अप्रैल 2021
सोमवार, 5 अप्रैल 2021
#VikeshKumarBadola#बच्चों के लिये~वीडियो गिफ्ट~सुबह-सुबह~चिड़ियों की चहचहाहट
इस वीडियो में प्रकृति है, पेड़-पौधे हैं, पक्षी हैं और पक्षियों की चहचहाहट है।
यह वीडियो गिफ्ट उन बच्चों के लिये है, जो महानगरों में रहते हुये यह सब कुछ देख-सुन-महसूस नहीं कर पाते।
शनिवार, 3 अप्रैल 2021
#VikeshKumarBadola गीत गायन~एक प्रयोग~पुराना फिल्मी गीत~कृपया~ईयर फोन लग...
हिन्दी फिल्म का एक पुराना गीत गाया है।
गीत खत्म होने के बाद लगा कि बिना धुन के गाता तो शायद ज्यादा अच्छा गाया जाता।
लेकिन चूंकि गीत में अंतरे बहुत हैं, गीत बहुत लंबा है, इसलिये एक बार में जैसे रिकॉर्ड हुआ वैसा दर्शकों के सामने है।
कयी जगह मुझे गाने में दिक्कत हुयी है।
लेकिन चूंकि वन टेक ओके वीडियो है, माइक इत्यादि आधुनिक उपकरण के बिना सिंपल फोन से शूट हुआ है तो ठीक है।
हां, दर्शकों से निवेदन है कि जब आप अपने महत्वपूर्ण जीवन के बहुमूल्य समय में से 7 मिनट यह वीडियो सुनने-देखने में खर्च करें, तो कृपया इसे ध्यानपूर्वक सुनें-देखें।
यदि दर्शकगण और संगीतप्रेमी ईयरफोन लगाकर यह गाना सुनेंगे तो निश्चित रूप में मेरे गायन और आवाज के बारे में सही निर्णय ले पायेंगे।
शुक्रवार, 2 अप्रैल 2021
#VikeshKumarBadola असंतुलित मौसम के बीच सुंदर और आनंदित संध्या
आज शाम 5.30 बजे के बाद मौसम सुहावना हो गया।
सुबह वायुमंडल की कुरूपता देखकर वीडियो बनाया था।
उसे दर्शकों के साथ शेयर किया।
11 बजे से हवा चलनी शुरू हुयी जो 5.30 शाम को जाकर रुकी।
इस हवा ने वातावरण मैं फैले धूल के गंध को बहा दिया।
शाम को मौसम बहुत ज्यादा सुंदर हो उठा।
इसीलिये वीडियो बनाये बिना न रह सका।
सुबह बिगड़े हुये मौसम को देख जितना मूड खराब था, अभी मन उससे कहीं ज्यादा प्रसन्न है।
गुरुवार, 1 अप्रैल 2021
#VikeshKumarBadola आंधी।। धूल।। प्रकृति असंतुलन।।
होली से डेढ़ माह पहले तक मौसम पूरी तरह असंतुलित था।
माघ-फाल्गुन का ऋतु सौंदर्य अदृश्य था।
होली से एक हफ्ते पहले तक आंधी-तूफान ने पूरे उत्तर भारत को धूल भरे वायुमंडल में बदल दिया था।
आंखों के लिये तो मौसम कुरूप था ही, गर्मी और उमस भी बढ़ गयी।
और इस प्रकार इस बार की होली पिछले 76 वर्षों में सबसे गर्म दिवस के रूप में दर्ज हो गयी।
बार-बार सुनायी पड़ने पर यह बात किसी को इरिटेट कर सकती है।
लेकिन प्रकृति और मौसम के बारे में हमें बार-बार ही नहीं, बल्कि क्षण-क्षण लिखना, बोलना और सोचना पड़ेगा।
इतना ही नहीं, प्रकृति के लिये कुछ करना भी पड़ेगा।
पेड़ नहीं लगा सकते तो मोटर गाड़ियां छोड़कर साइकिल पकड़ लें, किसी वृक्ष व पौधे में सुबह-शाम पानी ही डाल लें।
यह छोटे-छोटे उपाय प्रकृति को सुधारने में बड़े काम आयेंगे।
बुधवार, 31 मार्च 2021
VKB।। प्रकृति विकार ।। 76 वर्षों में सबसे गर्म रहा होली का दिन ।। कोरोना...
-वीडियो के विषय पर लेख
दैनिक समाचार-पत्र स्वतंत्र वार्ता (हैदराबाद स्थित समाचार-पत्र) में बुधवार 31 मार्च 2021 को प्रकाशित है, लेख लिंक https://epaper.vaartha.com/c/59463881
-वीडियो के विषय पर लेख दैनिक समाचार-पत्र हरिभूमि के (दिल्ली, रायपुर, बिलासपुर, भोपाल, रोहतक और जबलपुर संस्करण) में गुरुवार 1 अप्रैल 2021 को प्रकाशित है, लेख लिंक https://www.haribhoomi.com/clip-preview/234097Yko6zfnxUF7orrOMip2RHxmbCMFh63r5172247
सोमवार, 29 मार्च 2021
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