महत्‍त्‍वपूर्ण आलेख

सोमवार, 19 मई 2014

ब्‍लॉग का नया शीर्षक

मैं, मेरे ब्‍लॉग के सम्‍पर्क में रहनेवाले सभी मित्रों को सूचित करता हूँ कि मैंने अपने ब्‍लॉग का शीर्षक (हथेली में तिनका छूटने का अहसास) से बदलकर (हरिहर) कर लिया है।

14 टिप्‍पणियां:

  1. नये शीर्षक के साथ विषय में भी नवीनता की उम्मीद है...शुभकामनाएं...

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत शुभकामनाएं ़़़़... पहली पोस्ट इस बाबत होगी ़़... आशा है ...

    उत्तर देंहटाएं
  3. हार्दिक शुभकामनायें!

    उत्तर देंहटाएं
  4. पहला शीर्षक काव्यात्मक था..यह भी अच्छा है.

    उत्तर देंहटाएं
  5. नये नाम के साथ जल्दी ही एक नए पोस्ट की उम्मीद करते हैं.

    उत्तर देंहटाएं
  6. शुभकामनाएं , विकेश जी ब्लॉग के नए नामकरण हेतु !

    वैसे पुराना नाम भी कोई बुरा नहीं था किन्तु यह नया सूक्ष्म नाम भी अति उत्तम है ! इसमें भगवान विष्णु( हरि) और शिव (हर) दोनों छुपे हुए हैं। हरिहर इस प्रकार परमात्मा के रूप में वैष्णवों और शिवसंतों दोनों द्वारा समधर्मी देवता( Syncretic deity) के रूप में पूजा जाता है।

    वैसे कर्नाटक में एक हरिहर शहर भी है जो १२ वी सदी के मशहूर हरिहरेस्वरा मंदिर के लिए प्रसिद्ध है।

    उत्तर देंहटाएं
  7. आपने ब्‍लॉग के नए शीर्षक के बहाने अच्‍छी जानकारी प्रदान की है।

    उत्तर देंहटाएं
  8. स्वागत है सुन्दर शीर्षक का..

    उत्तर देंहटाएं
  9. हरिहर नाम सुन्दर और संक्षिप्त है |बहुत अच्छा लगा |बधाई |

    उत्तर देंहटाएं
  10. purana naam bhi achha tha aur jis tarah ke essays aap likhte hain us par suit bhi karta tha .. fir bhi change kiya hai toh kuchh soch ke hi kiya hoga

    उत्तर देंहटाएं
  11. विकेश जी ,टिप्पणियाँ इस सूचना को भी एक पोस्ट सिद्ध कर रहीं हैं । यह आपके ब्लाग की लोकप्रियता का परिचायक है । लेकिन नाम बदलने का कोई कारण ?? क्योंकि पहला नाम भी कुछ अलग पहचान देता था । श्री गोदियाल जी ने जो अर्थ बताया है परिवर्तन का वह अभीष्ट नही होसकता जैसी कि अर्थ से आपने अनभिज्ञता स्वीकार की है ।

    उत्तर देंहटाएं

Your comments are valuable. So after reading the blog materials please put your views as comments.
Thanks and Regards